शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ गोलोकधामिन्यै राधायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वोच्च गोलोक धाम में वास करती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मोक्ष और गोलोक की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
मोक्ष और गोलोक की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कान्ताय नमः।
ॐ कौलिकप्रियकारिण्यै नमः
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
नमो गुहाय भूतानां गुहासु निहिताय च । अणोरणीयसे तुभ्यं महतोऽपि महीयसे ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये त्रिलोकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कलहंसिन्यै नमः