शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वास्थ्य, त्वचा रोग निवारण और गुप्त विद्याओं की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वास्थ्य, त्वचा रोग निवारण और गुप्त विद्याओं की प्राप्ति।
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