शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कन्या विवाह बाधा निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम कन्या विवाह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाम्य मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, कन्या के विवाह की बाधा दूर करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने हेतु
विस्तृत लाभ
विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने हेतु 11।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कच्छपेशाय विद्महे महाकूर्माय धीमहि तन्नो कूर्मः प्रचोदयात्।
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥
ॐ ऐश्वर्यदाय नमः
दिव्याद्वृन्दारण्यकल्पद्रुमाधः श्रीमद्रत्नागारसिंहासनस्थौ। श्रीश्रीराधाश्रीलगोविन्ददेवौ प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि॥
ॐ भर्गाय नमः
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥