शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नासिका रक्षा मन्त्र
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं त्रिकालाग्नि भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
गाङ्गेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रौञ्चारिश्च षडाननः ॥
ॐ रावणान्तकराय नमः
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
ॐ श्रीकृष्णप्रियवादिन्यै नमः