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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

अग्नि जिह्वा मंत्र

काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक दर्शन / ध्यान मंत्र
स्वरूपअग्नि-रूपा काली
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

काली, कराली, मनोजवा, सुलोहिता, सुधूम्रवर्णा, स्फुलिंगिनी और विश्वरुची—ये अग्नि की सात चंचल और प्रज्ज्वलित जिह्वाएं हैं जो हव्य को ग्रसती हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अज्ञानता के आवरण का नाश

विस्तृत लाभ

अज्ञानता के आवरण का नाश।

जप काल

यज्ञ या अग्निहोत्र साधना के समय आहुति से पूर्व ध्यान हेतु।

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