शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ कमलासनसन्तुष्टायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल के आसन (पवित्रता) पर विराजमान होकर संतुष्ट होने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हृदय-कमल के जाग्रत होने से देवी की कृपा-प्राप्ति
विस्तृत लाभ
हृदय-कमल के जाग्रत होने से देवी की कृपा-प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ द्रुमाय नमः
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
ॐ श्रुतिरूपायै नमः
ॐ पार्थसारथये नमः
ईशान्यां संहार भैरवाय नमः ईशाने मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना॥