शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ कामनाथाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकामनाओं के स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त कामनाओं और कामदेव के नाथ (स्वामी) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति
विस्तृत लाभ
सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नादान्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नक्षत्राणि तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥
यामिषुं गिरिशन्त हस्ते बिभर्ष्यस्तवे। शिवां गिरित्र तां कुरु मा हिंसीः पुरुषं जगत्॥
ॐ वाण्यै नमः
ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः