ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

ॐ कस्तूरीमृगतोषिण्यै नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

कस्तूरी मृगों को प्रसन्न रखने वाली और उनकी रक्षक।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वन्य जीवों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का उदय

विस्तृत लाभ

वन्य जीवों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का उदय।

जप काल

नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ वाङ्मे मनसि प्रतिष्ठिता मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् आविरावीर्म एधि॥

पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।

ॐ अज्ञाननाशिन्यभीष्टदायै नमः

तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥

ॐ लोककृते नमः

मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥

मंत्र | Pauranik