शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ कृष्णप्राणेश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कृष्ण के प्राणों की ईश्वरी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राण-शक्ति (Vitality) में वृद्धि
विस्तृत लाभ
प्राण-शक्ति (Vitality) में वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ बलानुयायिने नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
ॐ वेदमूर्त्यै नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः
चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम्। तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे॥
ॐ कपालभृते नमः।