शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ महाज्वालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्वाला नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं अत्यंत दीप्तिमान महाज्वाला हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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शरीर के भीतर छिपे जटिल रोगों, संक्रमणों और जीवाणुओं का नाश
विस्तृत लाभ
शरीर के भीतर छिपे जटिल रोगों, संक्रमणों और जीवाणुओं का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ तपोरूपाय विद्महे ब्रह्मचारिणे धीमहि तन्नो वामनः प्रचोदयात्।
ॐ यदूद्वहाय नमः
अनेकमन्त्रनादमञ्जुनूपुरारवस्खलत्समाजराजहंसवंशणिक्वाणातिगौरवे। विलोलहेमवल्लरीविडम्बिवारुचङ्क्रमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे ब्रह्मपत्न्यै च धीमहि। तन्नो वाणी प्रचोदयात्॥
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट् ॥
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।