शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ महाकायाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविराट रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर प्रलय काल में अत्यंत विशाल (विराट) हो जाता है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
छोटी सोच का त्याग
02
जीवन में बड़े लक्ष्यों और महान उपलब्धियों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
छोटी सोच का त्याग; जीवन में बड़े लक्ष्यों और महान उपलब्धियों की प्राप्ति।
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ॐ महाकालाय नमः
ॐ धीराय नमः
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
ॐ अरोगकर्त्रे नमः
सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ यं रः अनादिशक्तिधाम्ने सर्वात्मने करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः