शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ नारसिंहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनृसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
एकांत में भक्त के अजेय रक्षक को नमन।
जप काल
जंगल या एकांत/भयानक स्थान में
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कौसलेयाय नमः
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥
ॐ रमायै नमः
ॐ रक्तश्यामगळाय नमः