शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ पद्महस्तायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हाथों में अभय मुद्रा के साथ कमल धारण करने वाली देवी को नमन 16।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वरवेषधराय नमः
ॐ श्यामाङ्गाय नमः
ॐ बालपराक्रमाय नमः।
न मे द्वेषरागौ न मे लोभमोहौ... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ 17