शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपरम प्रकाश
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम ज्योति (परम प्रकाश) स्वरूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्म-साक्षात्कार
विस्तृत लाभ
आत्म-साक्षात्कार
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विष्णवे नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ श्रीवत्साङ्काय नमः
ॐ महाश्रयायै नमः
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ अमृतोद्भवायै नमः