शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ परात्पराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपरात्पर ब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो परम से भी परम (सर्वोच्च) हैं, उन भगवान श्रीकृष्ण को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परम् सिद्धि और मोक्ष
विस्तृत लाभ
परम् सिद्धि और मोक्ष
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
ॐ ह्रीं श्रीं त्र्यक्षरो मन्त्रो नैर्ऋत्यां मे सदाऽवतु। (अर्थ: त्र्यक्षरी मन्त्र नैऋत्य कोण में रक्षा करे) 8
ॐ विश्वहेतवे नमः
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः
ॐ दैत्यदानवभञ्जनाय नमः