शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ प्रजापतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रजापति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रजाओं के रक्षक और स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन
विस्तृत लाभ
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ शोभायै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
जलेषु मां रक्षतु मत्स्यमूर्तिर् यादोगणेभ्यो वरुणस्य पाशात्
ॐ निरञ्जनाय नमः
ॐ परेशाय नमः