शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सर्वज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वज्ञ रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भूत, भविष्य और वर्तमान का सब कुछ जानने वाले हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुप्त रहस्य, पूर्ण विद्या और जीवन के गूढ़ विषयों का ज्ञान
विस्तृत लाभ
गुप्त रहस्य, पूर्ण विद्या और जीवन के गूढ़ विषयों का ज्ञान।
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ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः
ॐ कालकण्टकघातिन्यै नमः
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ।
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
ॐ सुरूपाय नमः