शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सत्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारवैखानस पंच-मूर्ति मंत्र
स्वरूपज्ञान और ब्रह्मांडीय आधार स्वरूप (उत्सव बेर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं जगत के आधारभूत सत्य स्वरूप भगवान को प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परम ज्ञान (Jnana) की प्राप्ति और सत्यनिष्ठा
विस्तृत लाभ
परम ज्ञान (Jnana) की प्राप्ति और सत्यनिष्ठा 38।
जप काल
उत्सव मूर्तियों की पूजा के समय।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गभस्तये नमः
ॐ देवदेविकायै नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ शिंशुमाराय नमः
ॐ बुद्धिदात्र्यै नमः
ॐ मुरारये नमः