शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सत्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैखानस पंच-मूर्ति मंत्र
स्वरूपज्ञान और ब्रह्मांडीय आधार स्वरूप (उत्सव बेर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं जगत के आधारभूत सत्य स्वरूप भगवान को प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परम ज्ञान (Jnana) की प्राप्ति और सत्यनिष्ठा
विस्तृत लाभ
परम ज्ञान (Jnana) की प्राप्ति और सत्यनिष्ठा 38।
जप काल
उत्सव मूर्तियों की पूजा के समय।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्गतोद्धारिण्यै नमः
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥
ॐ करमालासिद्धिदात्र्यै नमः
ॐ महाकन्यायै नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ परात्पराय नमः