शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपदुख-हारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त कष्टों और पापों को हरने वाले हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पाप और दुखों का अंत
विस्तृत लाभ
पाप और दुखों का अंत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इति श्रीप. प. श्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीपरशुरामस्तोत्रं संपूर्णम्॥
ॐ सत्यवाचे नमः
ॐ रत्नप्रभाकिरीटाग्राय नमः
ॐ गिरिजात्मजाय नमः
ॐ सत्यायै नमः
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8