शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शितिकण्ठाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपश्वेत/नीले कंठ वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो नीले/श्वेत कंठ वाले हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विष-तुल्य कष्टों का शमन
विस्तृत लाभ
विष-तुल्य कष्टों का शमन
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः। बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये॥
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
ॐ बलवते नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ मुण्डविभूषिताय नमः।
ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः