शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकनकधारा स्तोत्र (श्लोक 1) *
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि को सर्वाधिक प्रिय देवी को नमन 50।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
02
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
03
*
विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
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कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
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