शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शुचये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत पवित्र (शुचि) स्वरूपा देवी को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
एको हि रुद्रो न द्वितीयाय तस्थुर् य इमांल्लोकानीशत ईशनीभिः।
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ णकाररूपाय नमः
ॐ सर्वसिद्धायै नमः
ॐ बालाय नमः।
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः