शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सुभगायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त सौभाग्य का केंद्र
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ लोकवन्द्याय नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
ॐ गोविन्दवल्लभायै देव्यै नमः
जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥