शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ तुष्ट्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तुष्टि (संतुष्टि) स्वरूपा को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ प्रलयाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
ॐ जगन्मयाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्मानन्दामृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः