शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ उग्रलोचनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपउग्र नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके नेत्र अत्यंत भयंकर और क्रोधाग्नि से पूर्ण हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
किसी की बुरी नज़र (Evil Eye), ईर्ष्या और दृष्टि-दोष से परिवार का बचाव
विस्तृत लाभ
किसी की बुरी नज़र (Evil Eye), ईर्ष्या और दृष्टि-दोष से परिवार का बचाव।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ रामेष्टाय नमः
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमः