शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवाम-मार्ग रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वाम मार्गी तंत्र और शिव को प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
ॐ दीप्तायै नमः
ॐ क्लीं वीं रूं ध्रूं घ्नीं ह्रीं बटुक भैरवाय नमः स्वाहा।
ॐ महापातकनाशिन्यै नमः
ॐ शुभप्रदा पातु पृष्ठं।
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥