शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वरप्रदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रह्लाद-वरद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने योग्य भक्तों को वरदान देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक की सभी सात्विक और मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति
विस्तृत लाभ
साधक की सभी सात्विक और मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति।
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ॐ क्रव्यादोपनिबर्हिण्यै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
ॐ महेशकृतसंस्तवाय नमः
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ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः