शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वरेण्यायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवरेण्या
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वरणीय
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रेष्ठता और सम्मान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
श्रेष्ठता और सम्मान की प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रविचन्द्राग्निलोचनाय नमः
ॐ कलिदर्पघ्न्यै नमः
ॐ अनादये नमः
ॐ उदारकीर्तये नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ कामदेवाय नमः