शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वासवेशाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपइंद्र-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इंद्र (वासव) के भी ईश (स्वामी) को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ऐश्वर्य और राज-सत्ता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ऐश्वर्य और राज-सत्ता की प्राप्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भार्गव नरसिंहाय नमः
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ नित्यक्रीडाय नमः
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ कमलाक्षप्रपूजितायै नमः