ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हनुमान मंत्र

वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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असीमित शक्ति, राजसी साहस, निर्भयता और तेज

विस्तृत लाभ

असीमित शक्ति, राजसी साहस, निर्भयता और तेज।

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