शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ विरुद्धहन्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधर्म-संस्थापक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म के विरुद्ध आचरण करने वालों का नाश करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
न्याय की प्राप्ति और अधर्म का नाश
विस्तृत लाभ
न्याय की प्राप्ति और अधर्म का नाश।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
ॐ क्लैब्यनाशिन्यै नमः
भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम्।
ॐ असुरान्तक चक्राय स्वाहा – कवचाय हुं
ईशानः सर्वविद्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपतिर्ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम्॥
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥