शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ विश्वस्मै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं संपूर्ण ब्रह्मांड स्वरूप हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कार्यों में पूर्णता
विस्तृत लाभ
सांसारिक कार्यों में पूर्णता 22
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मदोत्कटाय नमः
ॐ शुद्धनीलाञ्जनप्रख्याय नमः।
ॐ लोकवन्द्याय नमः
ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः।
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ पूषदन्तभिदे नमः