शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ बलभद्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका बल अत्यंत भद्र (शुभकारी) है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तामसिक बल के स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक बल की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
तामसिक बल के स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक बल की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अस्य घा वीर ईवतोऽग्नेरीशीत मर्त्यः । तिग्मजम्भस्य मीळ्हुषः ॥
ॐ अकलङ्किण्यै नमः
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ श्रीं नमः। (अथवा 'श्रीं')
ॐ कर्पूरकारणाह्लादायै नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8