शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शक्ति विनायक त्र्यक्षरी मंत्र
ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपशक्ति विनायक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बीजाक्षर का शाब्दिक अर्थ नहीं होता।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपार आर्थिक सफलता, समृद्धि और उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य
विस्तृत लाभ
अपार आर्थिक सफलता, समृद्धि और उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य।
जप काल
धन-प्राप्ति की विशिष्ट साधनाओं में।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ करवालपरायणायै नमः
ॐ क्षत्रियाय नमः।
ॐ हरये नमः
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥
ॐ गरुडध्वजाय नमः