शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
जयन्ती मङ्गला काली
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारस्तोत्र-मंत्र / सर्व-कल्याणकारी
स्वरूपकाली-दुर्गा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र विजय शालिनी, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा... रूपों में आप ही प्रतिष्ठित हैं; हे देवी, आपको नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण
विस्तृत लाभ
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण।
जप काल
किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में।
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