जयन्ती मङ्गला काली
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र विजय शालिनी, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा... रूपों में आप ही प्रतिष्ठित हैं; हे देवी, आपको नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण
विस्तृत लाभ
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण।
जप काल
किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ बालाय नमः।
ॐ सर्वाद्भुताय नमः
जय राम शिव राम गुरु राम जय राम (Jaya Rama Siva Rama Guru Rama Jaya Rama)
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ज्मह्रीं (Jmhrīm)
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥