माँ काली मंत्र
ॐ कलिकल्मषनाशिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कलियुग के दोषों और पापों का नाश करने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
कलियुग के ताप, दोषों और मलिनता से शुद्धि
विस्तृत लाभ
कलियुग के ताप, दोषों और मलिनता से शुद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसन्ततिं दृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम्।
ॐ वेदमन्त्राभिषेचिताय नमः
ग्लौं ॐ रामाय नमः
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ 16
ॐ कृतिने नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।