शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ भृगुनन्दनाय नमः — अर्थ
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ उग्रसिंहाय नमः
ॐ दुर्गमायुधधारिण्यै नमः
ॐ कामपीठविलासिन्यै नमः
मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
उदीच्यां भीषण भैरवाय नमः उदीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥