माँ काली मंत्र
ॐ काशीश्वर्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
पवित्र नगरी काशी (वाराणसी) की सर्वोच्च अधीश्वरी देवी।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाराणसी तीर्थ का पुण्य और शिव-सान्निध्य
विस्तृत लाभ
वाराणसी तीर्थ का पुण्य और शिव-सान्निध्य।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ मथुरानाथाय नमः
ॐ नवग्रहस्वरूपकाय नमः
ॐ स्वयम्भुवे नमः
ॐ कृष्णवन्द्यायै नमः
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः