शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
दक्षिणा काली षडक्षरी मंत्र
ॐ क्रीं कालिके स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारतांत्रिक षडक्षरी मंत्र
स्वरूपदक्षिणा काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे कालिका, आपको आहुति/समर्पण (स्वाहा)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
विस्तृत लाभ
नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा।
जप काल
नित्य रात्रिकालीन जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वैभवलक्ष्म्यै नमः।
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमानन्दाद्वैतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ दिव्याङ्गायै नमः
ॐ अजाय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥