शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
दक्षिणा काली षडक्षरी मंत्र
ॐ क्रीं कालिके स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक षडक्षरी मंत्र
स्वरूपदक्षिणा काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे कालिका, आपको आहुति/समर्पण (स्वाहा)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
विस्तृत लाभ
नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा।
जप काल
नित्य रात्रिकालीन जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कपालभृते नमः।
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशुतेजस्विनी, या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी।
ब्रह्मस्वरूपा परमा ज्योतिरूपा सनातनी। सर्वविद्याधिदेवी या तस्यै वाण्यै नमो नमः॥
उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥
ॐ कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः