माँ काली मंत्र
ॐ कूर्चबीजजपप्रीतायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कूर्च बीज ('हूँ') के जप से अत्यंत प्रसन्न होने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं और बुरी शक्तियों का समूल नाश ('हूँ' बीज का प्रभाव)
विस्तृत लाभ
शत्रुओं और बुरी शक्तियों का समूल नाश ('हूँ' बीज का प्रभाव)।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्रविनिवारकाय नमः
ॐ पादतलं गोपी पातु।
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
ॐ उपेन्द्राय नमः
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥