शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ क्षीराब्धिशयनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपक्षीरसागर निवासी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो क्षीरसागर (दूध के समुद्र) में अनंत शय्या पर विश्राम करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की घोर आपाधापी के बीच मन की पूर्ण शांति और गहन विश्राम की अनुभूति
विस्तृत लाभ
जीवन की घोर आपाधापी के बीच मन की पूर्ण शांति और गहन विश्राम की अनुभूति।
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ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
श्रीमन् नारायण चरणौ शरणं प्रपद्ये। श्रीमते नारायणाय नमः॥
ॐ भार्गवाय नमः
ॐ वाग्भवाख्याय नमः।