शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना
विस्तृत लाभ
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
क्ष्म्रीं (Kṣmrīm)
ॐ दुराशाय नमः
ॐ अन्धकासुरसूदनाय नमः