शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ महाबलपराक्रमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमहा-पराक्रमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महान बल और अतुलनीय पराक्रम के स्वामी को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ सर्वपुण्यायै नमः
ॐ शाश्वताय नमः
ॐ अखण्डश्रियै नमः
नारायणाद् ब्रह्मा जायते। नारायणाद् रुद्रो जायते।