शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ कुमारीरूपधारिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं कुमारी कन्या का रूप धारण करती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाल-सुलभ निर्मलता और पवित्रता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
बाल-सुलभ निर्मलता और पवित्रता की प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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ॐ भूतनाथाय नमः।
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ योगिहृत्पद्मवासाय नमः
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम्। येन पश्यति नेत्राभ्यां तत्प्रियं श्यामसुन्दरम्॥