ऋण-मुक्ति एवं संकटमोचन मंत्र
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजीविने उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
महान बलशाली, वीर, युगों-युगों तक जीवित रहने वाले (चिरंजीवी), वज्र के समान कठोर देह वाले और विशाल महासागर को एक छलांग में लांघने वाले भगवान को मेरा नमन है।
इस मंत्र से क्या होगा?
भारी ऋण (Debts) से मुक्ति, दरिद्रता का नाश और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व अदम्य साहस का संचार
विस्तृत लाभ
भारी ऋण (Debts) से मुक्ति, दरिद्रता का नाश और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व अदम्य साहस का संचार 27।
जप काल
मंगलवार के दिन पूर्ण श्रद्धा के साथ लाल पुष्प अर्पित करते हुए।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववन्द्याय नमः
ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं शङ्कर्षणाय ॐ
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥