शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्वस्मै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस अनंत ब्रह्मांड में सर्वत्र व्याप्त (Omnipresent) हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
या या मनसि वै यस्य विभूतिः प्रतिभाति च। तां तां ददाति तस्याशु धनधान्यगवादिकाम्॥
ॐ वर्णजपमालाविधायै नमः
क्ष्म्रीं (Kṣmrīm)
ॐ अनेकसुरसेविने नमः।
ॐ बलोद्धताय नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥