शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ नगभेदिनें नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपर्वत-भेदक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्रौंच पर्वत को भेदने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की पर्वत जैसी विशाल बाधाओं को चीरने की शक्ति
विस्तृत लाभ
जीवन की पर्वत जैसी विशाल बाधाओं को चीरने की शक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18
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ॐ यज्ञेशाय नमः
ॐ सर्वसुन्दराय नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥