माँ काली मंत्र
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
परमात्मा हम दोनों (गुरु-शिष्य) की रक्षा करें, हम साथ मिलकर ऊर्जावान कार्य करें और हमारे अध्ययन में तेजस्विता हो।
इस मंत्र से क्या होगा?
विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
विस्तृत लाभ
विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार 35।
जप काल
किसी भी शास्त्र या उपनिषद के अध्ययन से पूर्व।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः
ॐ वत्सवाटचराय नमः
ॐ महादेवाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं रां श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं आद्य लक्ष्म्यै नमः।
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥