शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्वज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वज्ञ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तीनों कालों की प्रत्येक बात का पूर्ण ज्ञान रखते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान
विस्तृत लाभ
ज्ञान
जप काल
विद्यारंभ
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥
ॐ वकारमकरारूढाय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ दित्ये नमः
देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ मधुसूदनाय नमः