शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्वकर्तृकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त कार्यों के वास्तविक कर्ता हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
"मैं कर्ता हूँ" इस अहंकार से मुक्ति
02
कर्मों के सुचारू संपादन हेतु
विस्तृत लाभ
"मैं कर्ता हूँ" इस अहंकार से मुक्ति; कर्मों के सुचारू संपादन हेतु।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वश्याद्यष्टक्रियाप्रदाय नमः
ॐ क्रीं काली
त्वं वाङ्मयस्त्वं चिन्मयः ॥ त्वमानन्दमयस्त्वं ब्रह्ममयः ॥ त्वं सच्चिदानन्दाऽद्वितीयोऽसि ॥ त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि ॥ त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि ॥
ॐ पापकालाय नमः।
ॐ महाविष्णवे नमः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8